हर रोज नए नए षडयंत्र तो सामने आ ही रहे हैं और अब खुलासा हुआ है मिशन-2047 का।
सनातन🚩समाचार🌎 मध्य प्रदेश एटीएस ने हाल ही में राज्यव्यापी छापेमारी के दौरान एक ऐसे आतंकी मॉड्यूल का पर्दाफाश किया है जो न केवल देश की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा था बल्कि एक बड़े खतरनाक एजेंडे पर काम कर रहा था। इस मामले में गिरफ्तार किए गए संदिग्धों में इजहार उल हक, मोहम्मद फराज और नईम अब्दुल्ला जैसे नाम शामिल हैं। एटीएस की गहन पूछताछ में इन लोगों ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं।
जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि ये सभी आरोपी पाकिस्तानी हैंडलर्स के सीधे संपर्क में थे और एन्क्रिप्टेड प्लेटफॉर्म जैसे टेलीग्राम और व्हाट्सएप का उपयोग कर रहे थे। इनका मुख्य उद्देश्य युवाओं को कट्टरपंथ की राह पर लाकर एक स्लीपर सेल नेटवर्क तैयार करना था। आरोपियों ने कबूल किया है कि वे पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया के कथित मिशन 2047 के एजेंडे को आगे बढ़ाने की कोशिश में थे, जिसका अंतिम लक्ष्य साल 2047 तक भारत में कट्टरपंथी इस्लामी व्यवस्था लागू करना है।
विशेष: धन की कमी से बचने के लिए अपने हिस्से का प्रसाद कभी भी किसी को ना दें।
इजहार उल हक ने एटीएस को बताया कि इन संदिग्धों को पाकिस्तानी आकाओं ने जिहाद की शपथ दिलाई थी और उन्हें यकीन दिलाया था कि समय आने पर सभी मुजाहिद्दीन एक साथ सक्रिय हो जाएंगे। उनका मकसद टारगेट किलिंग के जरिए देश में अराजकता फैलाना और खौफ का वातावरण पैदा करना था। मोहम्मद फराज को पाकिस्तानी हैंडलर ने खालिद सैफुल्लाह के नाम से एक लश्कर कमांडर के रूप में स्थापित किया था।एटीएस के अनुसार फराज को पासपोर्ट बनवाने के निर्देश दिए गए थे ताकि उसे किसी अन्य देश के रास्ते पाकिस्तान भेजकर आतंकी प्रशिक्षण दिया जा सके।
उत्तर प्रदेश के सहारनपुर निवासी नईम अब्दुल्ला ने इन युवाओं को पाकिस्तानी नेटवर्क से जोड़ने में मुख्य भूमिका निभाई थी। वर्तमान में एटीएस इस बात की जांच कर रही है कि यह नेटवर्क देश के किन-किन राज्यों में फैला हुआ है और इसमें अन्य कौन-कौन से चेहरे शामिल हैं। आरोपियों के पास से बरामद संदिग्ध डिजिटल दस्तावेजों और जिहादी सामग्री की फॉरेंसिक जांच की जा रही है ताकि उनके नापाक इरादों और आगामी साजिशों का पूरा खाका तैयार किया जा सके।
एटीएस की यह कार्रवाई आतंकी संगठनों के उस डिजिटल नेटवर्क पर बड़ी चोट है जिसके जरिए वे युवाओं के दिमाग में जहर घोलकर राष्ट्रविरोधी गतिविधियों को अंजाम दे रहे थे।

मेन स्ट्रीम मीडिया जो नहीं बताता वो हम बताते हैं, हमे सहयोग कीजिए “डोनेट कीजिए”
The Madhya Pradesh ATS has arrested suspects linked to a terror network from Bhopal and other states. During interrogation, it was revealed that these individuals were conspiring to execute a radical agenda and the ‘Mission 2047’ in India at the behest of Pakistani handlers.






