एक तरफ जोरदार जय भीम जय मीम तो वहीं दूसरी ओर जय मीम वालों का कहर जारी जय भीम वालों पर।
सनातन🚩समाचार🌎 दिल्ली के जामिया नगर इलाके से एक अत्यंत गंभीर और रूह कंपा देने वाला मामला सामने आया है। एक दलित हिंदू युवती को प्रेम जाल में फंसाकर उसके साथ मजहबी उत्पीड़न, जबरन धर्मांतरण और सामूहिक दुर्व्यवहार का सिलसिला कई वर्षों तक चलता रहा।
घटना की शुरुआत नवंबर 2021 में हुई जब इंस्टाग्राम पर साहिल नाम के एक युवक ने युवती से संपर्क किया।युवती ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि आरोपित ने अपनी पहचान हिंदू के रूप में बताई थी। मार्च 2022 में वह युवती को दिल्ली के बाटला हाउस ले गया, जहाँ उसे नशीला पदार्थ पिलाकर उसका दुष्कर्म किया गया। आरोपित ने इस घिनौनी हरकत का वीडियो बनाकर युवती को ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया।
बाद में उसे जबरन मेरठ ले जाया गया, तब वहां युवती के पैरों तले जमीन निकल गई जब उसे पता चला कि साहिल नाम का वह युवक मुसलमान है और उस का असली नाम फहीम है।पीड़िता का आरोप है कि मेरठ में उसे बंधक बनाकर रखा गया और फहीम के साथ-साथ उसके परिवार के सदस्यों और अन्य लोगों ने लगातार उसका शोषण किया। उसे एक मदरसे में ले जाकर जबरन इस्लाम कबूल करवाया गया और निकाह के लिए मजबूर किया गया। उसका नाम बदलकर आयशा कर दिया गया और सरकारी दस्तावेजों में भी हेरफेर की गई।
युवती का यह भी कहना है कि उसे गोमांस खाने के लिए विवश किया जाता था और विरोध करने पर बुरी तरह प्रताड़ित किया जाता था।इस मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई है कि युवती को जिस्मफरोशी के दलदल में धकेलने का प्रयास किया गया। पीड़िता ने बताया कि उसके घर पर कई अज्ञात लोग आते थे और उसकी सास पैसे लेकर उसे इन दरिंदों के हवाले कर देती थी। जब वह गर्भवती हुई, तो गांव के प्रधान की मदद से फर्जीवाड़ा कर उसके पहचान पत्र में पिता का नाम बदल दिया गया। लगातार शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना झेलने के बाद युवती पूरी तरह टूट चुकी थी।
उसने अपनी तीन साल की बच्ची के साथ आत्महत्या करने का फैसला भी कर लिया था। मई 2026 में जब वह ट्रेन के सामने कूदने जा रही थी, तब एक जागरूक व्यक्ति ने उसे बचा लिया और एनजीओ के सहयोग से जामिया नगर थाने में एफआईआर दर्ज करवाई।दिल्ली पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्य आरोपी फहीम और उसके परिवार सहित पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस वर्तमान में इस पूरी साजिश की गहन जांच कर रही है ताकि सभी दोषियों को कड़ी सजा दिलाई जा सके। यह घटना समाज में व्याप्त आपराधिक मानसिकता और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है।






