सनातन 🚩समाचार🌎गुजरात के कच्छ जिले के माधापार पुलिस स्टेशन के अंतर्गत आने वाले रायधनपार गाँव में 30 मई 2026 की रात को गाँव वालों की सतर्कता के चलते एक बहुत बड़ी घटना होने से बच गई।
यहां दो समुदायों के बीच हुई हिंसा का मामला सामने आया है। स्थानीय पुलिस के अनुसार, यह घटना तब शुरू हुई जब पास के वरनोरा गाँव के कुछ युवक रायधनपार पहुंचे और वहां मौजूद हिंदू समुदाय के युवाओं के साथ उनकी कहासुनी हो गई। शिकायतकर्ता दर्शन बरडिया के अनुसार, विवाद की शुरुआत मामूली बात पर हुई थी, लेकिन बाद में वरनोरा गाँव से बड़ी संख्या में लोगों ने हथियारों के साथ उनके गांव पर धावा बोल दिया।
पुलिस एफआईआर में दर्ज आरोपों के अनुसार आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से पहले पूरे गाँव की बिजली काट दी। इसके बाद भीड़ ने स्थानीय लोगों और घरों पर पथराव शुरू कर दिया। हमले में दर्शन बरडिया और राजेश चावड़ा समेत कई हिंदू युवक घायल हुए, जिनमें से कुछ को गंभीर चोटें आई हैं। सूचना मिलने पर जब माधापार पुलिस और लोकल क्राइम ब्रांच की टीमें स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मौके पर पहुंची, तो उन्मादी भीड़ ने उन पर भी हमला कर दिया, जिससे पुलिस की गाड़ियों को नुकसान पहुंचा और एक पुलिसकर्मी भी घायल हो गया।
इस मामले में हिंदू युवा संगठन के नेता रघुवीर सिंह जडेजा ने इसे एक सोची-समझी साजिश करार दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि हमले से पहले बिजली काटी गई फिर पूरे गाँव को टारगेट किया गया। उन्होंने प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है।कच्छ पश्चिम के पुलिस अधीक्षक विकास सुंडा ने जानकारी दी है कि पुलिस ने घटना के तुरंत बाद कार्रवाई करते हुए 23 नामजद लोगों और 5 से 7 अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। आरोपितों पर विभिन्न धाराओं के तहत हत्या के प्रयास, दंगा करने, जानलेवा हथियारों का उपयोग करने और लोक सेवकों पर हमला करने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।







