पंजाब बमों की धमकियां और हमले होना कोई नई बात नहीं है, ये क्रम रुक रुक कर पिछले काफी लम्बे समय से जारी है।
सनातन 🚩समाचार🌎 पंजाब में पिछले कुछ दिनों से लगातार मिल रही बम धमाकों की धमकियों ने राज्य में सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। हाल ही में राज्य के पांच प्रमुख ऐतिहासिक मंदिरों और चंडीगढ़ स्थित पंजाब सिविल सचिवालय को ईमेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी दी गई।
इस घटना के बाद पूरे पंजाब में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। यह धमकी भरा संदेश 4 जून 2026 को पंजाब सचिवालय के कंट्रोल रूम में प्राप्त हुआ था।धमकी में अमृतसर के श्री दुर्ग्याणा मंदिर, जालंधर के श्री देवी तालाब मंदिर, पटियाला के माता काली देवी मंदिर, पठानकोट के मुक्तेश्वर मंदिर और बठिंडा के माइसरखाना मंदिर को निशाना बनाने की चेतावनी दी गई थी। ईमेल भेजने वाले ने विस्फोट के लिए दोपहर 1:11 बजे से 3:11 बजे के बीच का समय निर्धारित किया था।
जांच एजेंसियों के अनुसार, यह धमकी 6 जून को आने वाली ऑपरेशन ब्लू स्टार की बरसी के मद्देनजर माहौल बिगाड़ने की साजिश का हिस्सा हो सकती है। हालांकि, बम निरोधक दस्ते द्वारा की गई व्यापक तलाशी के दौरान इन सभी स्थानों से कोई भी संदिग्ध सामग्री नहीं मिली है, जिसे प्रशासन अब एक शरारत मान रहा है। उधर इस तनावपूर्ण माहौल के बीच पंजाब पुलिस की स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल को एक बड़ी कामयाबी भी मिली है। मोहाली में की गई छापेमारी के दौरान पुलिस ने विदेशी आतंकी हैंडलरों के संपर्क में रहने वाले दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया है।
पाली सहज पाल विश्व हिंदू परिषद (पंजाब) के अधिकारी।
इन आरोपियों के पास से एक शक्तिशाली इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस यानी आईईडी बरामद की गई है। पुलिस का मानना है कि इस आईईडी का इस्तेमाल किसी बड़े सार्वजनिक ढांचे को क्षति पहुंचाने के लिए किया जाने वाला था, जिसे सुरक्षा बलों ने समय रहते नाकाम कर दिया है।धमकियों के इस सिलसिले का असर अदालती परिसरों पर भी पड़ा है। मोहाली जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने सुरक्षा के कड़े प्रबंध करते हुए मोहाली, खरड़ और डेराबस्सी की अदालतों में आम लोगों के प्रवेश पर पाबंदी लगा दी है। वहां केवल संबंधित मुकदमों के पक्षकारों को ही कड़ी तलाशी के बाद अंदर जाने की अनुमति दी जा रही है।
इसके अलावा अमृतसर, जालंधर, फिरोजपुर, गुरदासपुर और पठानकोट सहित राज्य के कई अन्य जिलों के स्कूलों और सरकारी कार्यालयों को भी धमकियां मिली हैं, जिसके कारण पुलिस प्रशासन ने हर संवेदनशील जगह पर नाकेबंदी बढ़ा दी है। साइबर सेल की टीमें उन शरारती तत्वों का पता लगाने के लिए दिन-रात तकनीकी जांच में जुटी हैं जिन्होंने ये ईमेल भेजे थे।







