लव जिहाद, धोखा, शारीरिक संबंध, ब्लेकमेल, इस्लाम कबूल करना पड़ेगा।
सनातन 🚩समाचार🌎 महाराष्ट्र के नासिक में स्थित टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज की यूनिट से जुड़ा मामला इन दिनों काफी चर्चा में है। यहाँ हिंदू महिला कर्मचारियों के साथ हुए कथित उत्पीड़न और जबरन धर्मांतरण के प्रयासों को लेकर एक गंभीर प्रकरण सामने आया था। इस मामले की जाँच के लिए बनाई गई स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम ने नासिक की अदालत में अपनी पहली चार्जशीट पेश कर दी है।
करीब 1500 पन्नों की इस विस्तृत रिपोर्ट ने पूरे राज्य की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है।पुलिस द्वारा देवलाली कैंप थाने में दर्ज प्राथमिकी के आधार पर तैयार की गई इस चार्जशीट में मुख्य रूप से चार लोगों को आरोपी बनाया गया है। इनमें दानिश एजाज शेख, तौसीफ बिलाल अत्तर, निदा एजाज खान और AIMIM के स्थानीय पार्षद मतीन मजीद पटेल का नाम शामिल है। इन सभी पर भारतीय न्याय संहिता के तहत गंभीर आरोप लगाए गए हैं, जिनमें आपराधिक साजिश, शारीरिक शोषण, धार्मिक भावनाओं को आहत करना और अपराधियों को पनाह देना जैसी धाराएं शामिल हैं।
इसके साथ ही, मामले की गंभीरता को देखते हुए इसमें अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम की धाराएं भी जोड़ी गई हैं।जाँच के दौरान एक चौंकाने वाला नाम पूर्व सांसद इम्तियाज जलील का भी सामने आया है। दरअसल, जब पुलिस निदा खान की तलाश कर रही थी, तब आरोपी मतीन पटेल ने पूछताछ के दौरान बार-बार इम्तियाज जलील का नाम लिया था। मतीन ने पुलिस को बताया कि वह निदा खान को छुपाने या अन्य निर्णयों के लिए जलील के निर्देशों का पालन करता था।
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चार्जशीट के मुताबिक जब अदालत ने निदा की अग्रिम जमानत खारिज कर दी थी तब मतीन पटेल ने उसे अपने सहयोगियों के साथ मिलकर छत्रपति संभाजीनगर के एक सुरक्षित स्थान पर छिपाकर रखा था। बाद में पुलिस ने छापेमारी कर निदा को गिरफ्तार किया और मतीन की उस अवैध संपत्ति को भी ध्वस्त कर दिया जहाँ उसे छुपाया गया था। इस कार्रवाई को लेकर जलील ने सार्वजनिक विरोध भी दर्ज कराया था।मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस पूरे विवाद पर जब इम्तियाज जलील से संपर्क किया गया, तो उन्होंने कहा कि उन्हें औपचारिक रूप से चार्जशीट में नाम होने की जानकारी नहीं है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि वे किसी भी कानूनी प्रक्रिया का सामना करने को तैयार हैं। उन्होंने निदा के परिवार से मिलने की बात स्वीकार की और कहा कि वे अपने सिद्धांतों के अनुसार लड़ाई लड़ते रहेंगे।SIT की इस चार्जशीट में डिजिटल साक्ष्यों का बड़ा भंडार है। पुलिस ने आरोपियों और पीड़ितों के मोबाइल फोन से कई महत्वपूर्ण व्हाट्सएप चैट और ईमेल बरामद किए हैं, जो कथित शोषण के दावों को पुष्ट करते हैं।
पीड़िता ने आरोप लगाया है कि मुख्य आरोपी दानिश शेख ने शादी का झांसा देकर न केवल शारीरिक संबंध बनाए, बल्कि आर्थिक रूप से भी उसे काफी नुकसान पहुँचाया। पीड़िता का दावा है कि दानिश उसकी कमाई का बड़ा हिस्सा अपने निजी खर्चों और महंगे उपहारों पर उड़ा देता था। उधर राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस घटना पर कड़ा रुख अपनाते हुए इसे संगठित अपराध का हिस्सा बताया है। उन्होंने कहा है कि जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि संस्थान के भीतर सुनियोजित तरीके से कुछ महिलाओं को निशाना बनाया जा रहा था। उन्होंने इसे कॉर्पोरेट और लव जिहाद से जोड़ते हुए चेतावनी दी है कि दोषियों पर सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
चार्जशीट में निदा खान की भूमिका को काफी महत्वपूर्ण बताया गया है। आरोप है कि वह पीड़िता पर लगातार दबाव बनाती थी कि वह इस्लामिक मान्यताओं को अपना ले। उसे सोशल मीडिया के माध्यम से धार्मिक वीडियो दिखाए जाते थे और घर पर बुलाकर बुर्का पहनने व नमाज पढ़ने के लिए मजबूर किया जाता था। पीड़िता को यह डर दिखाया गया कि इस्लाम न अपनाने पर उसका परिवार संकट में पड़ सकता है।टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज ने भी इस मामले में त्वरित प्रतिक्रिया देते हुए अपनी आंतरिक नीति के तहत संलिप्त पाए गए आठ कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त कर दिया है।







